Saturday, March 26, 2011

ग़ज़ल/ अब्दुल समद राही द्वारा

ग़ज़ल

दुश्मनी सारे जमाने से मिटाने के लिए
कोशिश कीजिये रिश्तो को निभाने के लिए

                        आज के दौर की नफरत को मिटाने के लिए
                         एक पैगाम मोहब्बत सुनाने के लिए

                       दिल न दुनिया से लगा यह है सराए फ़ानी
                       लोग आते है यहाँ लौट के जाने के लिए

                       हमको फिर रोक न पाएंगे जमाने वाले
                      आप आओ तो सही हमको बुलाने के लिए

                      खौफ बिजली का हमे कुछ भी नहीं है राही
                      हम है तैयार नशेमन को बनाने के लिए


अब्दुल समद राही
जन्म - २ जुलाई १९६८ सोजत 
वालिद - अब्दुल सतार हाजी  रहीम बक्श   
माता - ज़मिला खातून
कृतित्व-शायर कवि पत्रकार देश की अनेक पत्र पत्रिकाओ में विभिन विधाओ में रचनाओं का सतत  प्रकाशन  समाज सेवा में गहरा लगाव, राष्ट्रीय कवि सम्मलेन  मुशायरो के मंचो पर प्रस्तुति
पुरस्कार - राष्ट्रीय स्तर के २ दर्जन पुरस्कारों से सम्मानित
                  दूरदर्शन जयपुर और  आकाशवाणी जोधपुर से रचनाओ का प्रसारण 
रचनाये(पुस्तके) - दोस्ती का हक (हिंदी बाल कहानी संग्रह )
                             म्हा टाबरिया भारत माँ रा(राजस्थानी बाल कविता संग्रह)
                              भारत देश हमारा है   (हिंदी बाल कविता संग्रह ) 
                               पीड़ रो परनालो (राजस्थानी ग़ज़ल संग्रह) प्रकाशित तथा
                                 रिसते जख्म (उर्दू ग़ज़ल संग्रह)
                                  अपना साया ( हिंदी कविता संग्रह)
                                   बज गयी घंटी (हिंदी बाल कविता संग्रह)
                                    चूँ चूँ का मुरब्बा (हिंदी बाल कविता संग्रह)
                                      ईद मिलन (हिंदी बाल कहानी संग्रह )
                                       जूण री अब्खाया ( राजस्थानी कविता संग्रह)
                                       आदि रचनाये प्रकाशाधीन
संपर्क -        सिलावट मोहल्ला, ढाल की गली, सोजत शहर ३०६१०४ राजस्थान
                     9214677674, 8233351836


7 comments:

हरीश सिंह said...

आपके ब्लॉग पर आकर अच्छा लगा , हिंदी ब्लॉग लेखन को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा आपका प्रयास सार्थक है. निश्चित रूप से आप हिंदी लेखन को नया आयाम देंगे.
हिंदी ब्लॉग लेखको को संगठित करने व हिंदी को बढ़ावा देने के लिए "भारतीय ब्लॉग लेखक मंच" की स्थापना की गयी है, आप हमारे ब्लॉग पर भी आयें. यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो "फालोवर" बनकर हमारा उत्साहवर्धन अवश्य करें. साथ ही अपने अमूल्य सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ, ताकि इस मंच को हम नयी दिशा दे सकें. धन्यवाद . हम आपकी प्रतीक्षा करेंगे ....
भारतीय ब्लॉग लेखक मंच
डंके की चोट पर

सुशील बाकलीवाल said...

स्वागत है आपका हिन्दी ब्लाग जगत की इस मनोरम दुनिया में...

मनोरंजक चित्र, शिक्षाप्रद लघुकथाएँ और उत्तम विचारों से परिपूर्ण जिन्दगी के रंग में देखिये-
निरन्तरता का महत्व (लघुकथा)

निरोगी शरीर सुखी जीवन का आधार : स्वास्थ्य सुख में देखिये-
बेहतर स्वास्थ्य की संजीवनी- त्रिफला चूर्ण

सुशील बाकलीवाल said...

शुभागमन...!
कामना है कि आप ब्लागलेखन के इस क्षेत्र में अधिकतम उंचाईयां हासिल कर सकें । अपने इस प्रयास में सफलता के लिये आप हिन्दी के दूसरे ब्लाग्स भी देखें और अच्छा लगने पर उन्हें फालो भी करें । आप जितने अधिक ब्लाग्स को फालो करेंगे आपके ब्लाग्स पर भी फालोअर्स की संख्या उसी अनुपात में बढ सकेगी । प्राथमिक तौर पर मैं आपको 'नजरिया' ब्लाग की लिंक नीचे दे रहा हूँ, किसी भी नये हिन्दीभाषी ब्लागर्स के लिये इस ब्लाग पर आपको जितनी अधिक व प्रमाणिक जानकारी इसके अब तक के लेखों में एक ही स्थान पर मिल सकती है उतनी अन्यत्र शायद कहीं नहीं । प्रमाण के लिये आप नीचे की लिंक पर मौजूद इस ब्लाग के दि. 18-2-2011 को प्रकाशित आलेख "नये ब्लाग लेखकों के लिये उपयोगी सुझाव" का माउस क्लिक द्वारा चटका लगाकर अवलोकन अवश्य करें, इसपर अपनी टिप्पणीरुपी राय भी दें और आगे भी स्वयं के ब्लाग के लिये उपयोगी अन्य जानकारियों के लिये इसे फालो भी करें । आपको निश्चय ही अच्छे परिणाम मिलेंगे । पुनः शुभकामनाओं सहित...

नये ब्लाग लेखकों के लिये उपयोगी सुझाव.

दूर रहें इस सोच से - मुझसे नहीं होगा !

akhtar khan akela said...

bhtrin gzal.akhtar khan akela kota rajsthan

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

बहुत बढ़िया ... बेहतरीन ग़ज़ल...

सारा सच said...

nice

gopal said...

mohbbat ke liye achha pegam diya hai magar lafzo ko zara sa dard me pirote to achaa rahta

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